बिहार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना देश की सबसे बड़ी महिला स्वरोजगार योजनाओं में से एक बन चुकी है। इसमें हर परिवार की एक महिला को अपना काम शुरू करने के लिए पहले ₹10,000 मिलते हैं, और काम अच्छा चलने पर ₹2 लाख तक की अतिरिक्त मदद मिल सकती है।
पहली किस्त 1.8 करोड़ से ज्यादा महिलाओं तक पहुंच चुकी है। अब ₹20,000 की दूसरी किस्त चरणों में भेजी जा रही है, इसलिए लाखों महिलाएं इसका स्टेटस और अगली किस्त की जानकारी खोज रही हैं।
यह राशि कर्ज नहीं, अनुदान है, यानी इसे लौटाना नहीं पड़ता।
योजना एक नजर में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (MMRY) |
| राज्य | बिहार |
| कैबिनेट मंजूरी | 29 अगस्त 2025 |
| शुभारंभ | 26 सितंबर 2025, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा |
| पहली किस्त | ₹10,000 (अनुदान) |
| कुल सहायता | ₹2 लाख तक, काम के प्रदर्शन के आधार पर |
| लाभार्थी | हर परिवार की एक महिला; ग्रामीण जीविका दीदी और शहरी आजीविका दीदी |
| विभाग | ग्रामीण विकास विभाग, बिहार |
| लागू करने वाली संस्था | जीविका (BRLPS) |
| आधिकारिक पोर्टल | mmry.brlps.in |
किस्तें: अब तक क्या हुआ
पहली किस्त (₹10,000): सितंबर 2025 में 75 लाख महिलाओं को ₹7,500 करोड़ भेजकर शुरुआत हुई। इसके बाद कई चरणों में राशि भेजी गई, जिसमें फरवरी 2026 में 25 लाख और महिलाएं शामिल हुईं। कुल लाभार्थी 1.8 करोड़ से ज्यादा हो चुके हैं।
दूसरी किस्त (₹20,000): मई 2026 में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने ₹20,000 की दूसरी किस्त की घोषणा की। जुलाई 2026 से यह उन महिलाओं को चरणों में मिल रही है जिनकी पहली राशि के इस्तेमाल का सत्यापन हो चुका है। पहले बैच में नाम न आने का मतलब आवेदन रद्द होना नहीं है।
आगे की किस्तें: मंत्री के अनुसार कुल ₹2 लाख की सहायता पांच चरणों में दी जाएगी। कुछ रिपोर्ट्स में आगे की किस्तें ₹40,000, ₹60,000 और ₹80,000 बताई गई हैं, लेकिन यह राशि काम के मूल्यांकन पर निर्भर करेगी। आधिकारिक अधिसूचना से पुष्टि जरूर करें।
शहरी क्षेत्रों की करीब 18 लाख महिलाओं ने भी इस योजना में आवेदन किया है।
पात्रता और जरूरी दस्तावेज
कौन ले सकता है लाभ:
- बिहार की मूल निवासी महिला
- परिवार से केवल एक महिला
- ग्रामीण क्षेत्र में जीविका स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी हो, या शहरी क्षेत्र में आजीविका समूह से
- अपना कोई रोजगार/छोटा व्यवसाय शुरू करने की इच्छा
दूसरी किस्त के लिए: पहली किस्त के ₹10,000 का इस्तेमाल रोजगार में होना चाहिए और उसका सत्यापन पूरा होना चाहिए।
जरूरी दस्तावेज:
- आधार कार्ड
- आधार से जुड़ा बैंक खाता
- निवास प्रमाण पत्र
- स्वयं सहायता समूह की सदस्यता का विवरण
- मोबाइल नंबर
आवेदन और स्टेटस चेक
आवेदन कैसे करें:
- ग्रामीण महिलाएं: अपने जीविका समूह, ग्राम संगठन या पंचायत स्तर के जीविका केंद्र के जरिए आवेदन करें।
- शहरी महिलाएं: आधिकारिक पोर्टल mmry.brlps.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
- आवेदन पूरी तरह मुफ्त है; किसी को पैसे न दें।
पेमेंट स्टेटस कैसे देखें:
- आधिकारिक पोर्टल mmry.brlps.in खोलें।
- आवेदन/भुगतान स्थिति वाला विकल्प चुनें।
- आवेदन संख्या या पंजीकृत मोबाइल नंबर डालें और OTP से सत्यापन करें।
- किस्त की स्थिति स्क्रीन पर दिख जाएगी।
बैंक SMS या पासबुक अपडेट कराकर भी पैसा आने की पुष्टि की जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: महिला रोजगार योजना में कुल कितने पैसे मिलते हैं? पहले ₹10,000, फिर काम के मूल्यांकन के आधार पर कुल ₹2 लाख तक।
प्रश्न: क्या यह पैसा लौटाना पड़ेगा? नहीं, यह अनुदान है, कर्ज नहीं।
प्रश्न: दूसरी किस्त कितनी है और किसे मिलेगी? ₹20,000; उन महिलाओं को जिनकी पहली राशि के इस्तेमाल का सत्यापन हो चुका है।
प्रश्न: एक परिवार से कितनी महिलाएं आवेदन कर सकती हैं? केवल एक।
निष्कर्ष
महिला रोजगार योजना बिहार की महिलाओं के लिए अपना काम शुरू करने का बड़ा मौका है। दूसरी किस्त पाने के लिए पहली राशि को रोजगार में लगाएं, सत्यापन पूरा कराएं और जीविका समूह के संपर्क में रहें।


