बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार के छह महीने पूरे होने पर “6 महीने की कैबिनेट: आंकड़ों में” नाम से एक रिपोर्ट सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इसके मुताबिक 15 अप्रैल से 15 अक्टूबर 2026 के बीच कैबिनेट ने 533 फैसले लिए, जिनकी कुल बताई गई कीमत ₹3.81 लाख करोड़ है।
इन फैसलों में सड़क, पेयजल, बिजली, शहरी विकास, शिक्षा, धार्मिक पर्यटन और डिजिटल गवर्नेंस से जुड़े 40 बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं, जिनमें हर एक की कीमत ₹100 करोड़ से ज्यादा बताई गई है।
ध्यान दें: ये आंकड़े एक सोशल मीडिया ग्राफिक पर आधारित हैं। हर प्रोजेक्ट की असली स्थिति (मंजूरी, टेंडर, निर्माण) सरकारी आदेश या विभाग की वेबसाइट से जांचें।
आंकड़े एक नजर में
| बिंदु | आंकड़ा |
|---|---|
| अवधि | 15 अप्रैल – 15 अक्टूबर 2026 |
| कैबिनेट बैठकें | 23 |
| कुल फैसले | 533 |
| फैसलों की कुल बताई गई कीमत | ₹3.81 लाख करोड़ |
| ₹100 करोड़ से बड़े प्रोजेक्ट | 40 |
| सबसे बड़ा प्रोजेक्ट | सड़क रखरखाव कार्यक्रम, ₹15,967.03 करोड़ |
10 सबसे बड़े प्रोजेक्ट
| प्रोजेक्ट | जगह | राशि (₹ करोड़) |
|---|---|---|
| सड़क रखरखाव कार्यक्रम (RCD), करीब 19,305 किमी सड़कें | पूरे राज्य में | 15,967.03 |
| PHED का IoT आधारित जल निगरानी कार्यक्रम | पूरे राज्य में | 3,601.57 |
| विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर और सोन-फल्गु नदी जोड़ | गया | 3,516.05 |
| 2,554 कृषि फीडरों के लिए सोलर बिजली | पूरे राज्य में | 2,761.55 |
| अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए जमीन | भागलपुर | 1,329.59 |
| नेशनल अर्बन डिजिटल मिशन | पूरे राज्य में | 1,190.90 |
| SH-97 सड़क प्रोजेक्ट (BSHP-IV) | दरभंगा | 990.04 |
| ब्रह्मपुर–इटाढ़ी–बक्सर और उजियारपुर–समदा सड़कें | बक्सर | 982.58 |
| आदर्श विद्यालय मॉडल स्कूल कार्यक्रम | पूरे राज्य में | 800 |
| दीघा–कंकड़बाग सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट | पटना | 726.54 |
गया का प्रोजेक्ट खास चर्चा में है: इसमें ₹2,520 करोड़ विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए और ₹996.05 करोड़ सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए हैं। सितंबर 2026 में सरकार ने अलग से 13,033 किमी सड़कों के लिए 7 साल के रखरखाव कार्यक्रम (करीब ₹10,590.53 करोड़) की घोषणा भी की थी।
अन्य उल्लेखनीय प्रोजेक्ट: सारण में बाबा हरिहरनाथ मंदिर विकास (₹680 करोड़), PM ई-बस सेवा के तहत 400 बसें (₹517.16 करोड़), AIIMS पटना विस्तार के लिए जमीन (₹348.90 करोड़) और IIT पटना रिसर्च पार्क (₹305 करोड़)।
बिहार की अन्य चर्चित योजनाएं
- मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए शुरुआत में ₹10,000 मिलते हैं; काम अच्छा चलने पर ₹2 लाख तक की अतिरिक्त मदद मिल सकती है।
- हेली-टूरिज्म और एयर टूरिज्म योजना 2026: जुलाई 2026 में पटना में हेलिकॉप्टर जॉय राइड शुरू हुई; सोनपुर और सुल्तानगंज में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के DPR की तैयारी चल रही है।
- तमिलनाडु में श्रमिक सुविधा केंद्र: बिहार सरकार चेन्नई, कोयंबटूर और तिरुपुर में प्रवासी मजदूरों की शिकायतों और कल्याण के लिए केंद्र बना रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: 6 महीने में बिहार कैबिनेट ने कितने फैसले लिए? रिपोर्ट के मुताबिक 23 बैठकों में 533 फैसले।
प्रश्न: सबसे बड़ा प्रोजेक्ट कौन सा है? ₹15,967.03 करोड़ का सड़क रखरखाव कार्यक्रम, जो करीब 19,305 किमी सड़कों को कवर करता है।
प्रश्न: क्या सभी 40 प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है? यह तय नहीं है। सूची में जमीन, नीति और मंजूरी जैसे अलग-अलग तरह के फैसले हैं; हर प्रोजेक्ट की स्थिति अलग से जांचनी होगी।
प्रश्न: आधिकारिक जानकारी कहां मिलेगी? बिहार सरकार कैबिनेट डैशबोर्ड और संबंधित विभागों की वेबसाइट पर।
निष्कर्ष
छह महीनों के ये फैसले दिखाते हैं कि बिहार सरकार का फोकस सड़क, पानी, बिजली और धार्मिक पर्यटन पर है। असली असर इस पर निर्भर करेगा कि ये प्रोजेक्ट कितनी जल्दी जमीन पर उतरते हैं।


