उत्तर प्रदेश की योगी कैबिनेट ने अक्टूबर 2026 की बैठक में 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें तीन फैसले सबसे ज्यादा चर्चा में हैं: जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलने का प्रस्ताव, यूपी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन (UP-AIM) और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल नीति 2026।
इसी बैठक में उज्ज्वला लाभार्थियों को दिवाली-होली पर दो मुफ्त LPG सिलेंडर देने का फैसला भी लिया गया।
जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलने का प्रस्ताव
यूपी कैबिनेट ने गौतमबुद्ध नगर के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम “नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट” रखने का प्रस्ताव पास किया है।
किसी एयरपोर्ट का नाम बदलने के लिए राज्य सरकार प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजती है, और अंतिम मंजूरी केंद्र की ओर से मिलती है। इसलिए फिलहाल यह राज्य का प्रस्ताव है; आधिकारिक नाम केंद्र की मंजूरी के बाद ही बदलेगा।
नाम बदलने पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आ सकती हैं। ब्लॉग प्रकाशित करने से पहले विपक्ष और समर्थकों के ताजा बयान खबरों से जांच लें।
यूपी AI मिशन (UP-AIM)
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन (UP-AIM) को मंजूरी दी है। इसका मकसद राज्य को AI के क्षेत्र में आगे ले जाना और युवाओं को नई तकनीक से रोजगार दिलाना है।
| लक्ष्य | संख्या |
|---|---|
| AI स्टार्टअप्स को सहयोग | कम से कम 100 |
| AI कौशल में प्रशिक्षित युवा | 5 लाख |
| शासन और जन सेवाओं के लिए AI ऐप्लिकेशन | विकसित किए जाएंगे |
इससे सरकारी सेवाओं में AI का इस्तेमाल बढ़ेगा और छात्रों व युवाओं के लिए AI स्किलिंग के नए मौके खुलेंगे।
सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल नीति 2026
कैबिनेट ने “उत्तर प्रदेश सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन पॉलिसी 2026” को भी मंजूरी दी। सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) ऐसा विमान ईंधन है जो कृषि अवशेष, इस्तेमाल किए गए तेल जैसे स्रोतों से बनता है और कम प्रदूषण करता है।
इस नीति के चार मुख्य उद्देश्य हैं:
- विमानन क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन कम करना
- ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना
- निजी निवेश और नवाचार को बढ़ावा देना
- राज्य में नए “ग्रीन” रोजगार पैदा करना
जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के साथ यूपी में विमानन गतिविधि बढ़ेगी, इसलिए यह नीति उसी दिशा में एक कदम मानी जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: क्या जेवर एयरपोर्ट का नाम बदल गया है? अभी नहीं। यूपी कैबिनेट ने प्रस्ताव पास किया है; अंतिम फैसला केंद्र सरकार की मंजूरी से होगा।
प्रश्न: UP-AIM के तहत कितने युवाओं को प्रशिक्षण मिलेगा? 5 लाख युवाओं को AI कौशल का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है।
प्रश्न: SAF नीति से आम लोगों को क्या फायदा? नए उद्योग लगने से रोजगार बढ़ेगा और किसानों के कृषि अवशेष ईंधन बनाने में काम आ सकते हैं।
निष्कर्ष
ये फैसले दिखाते हैं कि यूपी सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर, नई तकनीक और हरित ऊर्जा तीनों पर एक साथ ध्यान दे रही है। इन योजनाओं के नियम और आवेदन प्रक्रिया आने पर हम यह लेख अपडेट करेंगे।


