झारखंड में अबुआ आवास योजना इस साल भी सबसे ज्यादा खोजी जाने वाली सरकारी योजनाओं में है। इसके तहत गरीब और बेघर परिवारों को 3 कमरों का पक्का घर बनाने के लिए ₹2 लाख की मदद मिलती है।
2026-27 के बजट के बाद नई लाभार्थी सूची और किस्तों के अपडेट को लेकर लोग लगातार जानकारी खोज रहे हैं। यह योजना खास तौर पर उन परिवारों के लिए है जो प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की सूची में शामिल नहीं हो पाए।
योजना एक नजर में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | अबुआ आवास योजना (AAY) |
| राज्य | झारखंड |
| शुरुआत | 2023, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा |
| विभाग | ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड |
| लाभ | 3 कमरों का पक्का घर, ₹2 लाख की सहायता |
| अतिरिक्त लाभ | घर बनाने के दौरान 95 दिन की मनरेगा मजदूरी |
| भुगतान | 4 किस्तों में, DBT से बैंक खाते में |
| लक्ष्य | करीब 20 लाख परिवार |
| 2026-27 बजट | ₹4,100 से ₹4,400 करोड़ (अलग-अलग रिपोर्ट्स के अनुसार) |
| आधिकारिक पोर्टल | aay.jharkhand.gov.in |
यह राज्य सरकार की योजना है, जबकि PMAY केंद्र सरकार की। जिन परिवारों को PMAY-ग्रामीण का लाभ मिल चुका है, वे अबुआ आवास के पात्र नहीं हैं।
4 किस्तों में ₹2 लाख
घर बनाने की सहायता एक साथ नहीं, बल्कि निर्माण की प्रगति के हिसाब से चार किस्तों में मिलती है:
- पहली किस्त: मकान की नींव (फाउंडेशन) का काम शुरू करने के लिए
- दूसरी किस्त: लिंटल लेवल तक दीवारें बनने पर
- तीसरी किस्त: छत ढलाई के समय
- चौथी किस्त: मकान, शौचालय और फिनिशिंग पूरी होने के बाद
अगली किस्त आम तौर पर पिछले चरण का काम पूरा होने और उसकी जांच के बाद ही जारी होती है। काम रुकने पर अगली किस्त भी रुक सकती है, इसलिए समय पर निर्माण पूरा करना जरूरी है।
पात्रता और जरूरी दस्तावेज
कौन ले सकता है लाभ:
- झारखंड का स्थायी निवासी परिवार
- बेघर या कच्चे/अस्थायी मकान में रहने वाला परिवार
- परिवार के नाम पर पहले से कोई पक्का मकान न हो
- PMAY या किसी अन्य आवास योजना का लाभ पहले न मिला हो
- आधार से जुड़ा बैंक खाता हो
जरूरी दस्तावेज:
- आधार कार्ड
- राशन कार्ड
- बैंक पासबुक
- मनरेगा जॉब कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र और जाति/आय प्रमाण पत्र (यदि मांगा जाए)
- पासपोर्ट साइज फोटो
आवेदन, नई लिस्ट और स्टेटस चेक
आवेदन कैसे करें: आम लोगों के लिए इस योजना में सीधा ऑनलाइन आवेदन नहीं होता। आवेदन पंचायत सचिव या प्रखंड (ब्लॉक) कार्यालय के जरिए होता है। सरकार के शिविरों में भी फॉर्म लिए जाते हैं।
नई लिस्ट में नाम कैसे देखें:
- आधिकारिक पोर्टल aay.jharkhand.gov.in खोलें।
- रिपोर्ट/लाभार्थी सूची वाला विकल्प चुनें।
- अपना जिला, प्रखंड और पंचायत चुनें।
- सूची में अपना नाम खोजें या पूरी सूची डाउनलोड करें।
किस्त का स्टेटस: किस्त आई है या नहीं, यह बैंक पासबुक, बैंक SMS या प्रखंड कार्यालय से पता किया जा सकता है।
ध्यान दें: अपने नाम पर पैसे मांगने वाले बिचौलियों से सावधान रहें। योजना का पूरा पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में आता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न: अबुआ आवास योजना में कितने पैसे मिलते हैं? ₹2 लाख, चार किस्तों में। साथ में 95 दिन की मनरेगा मजदूरी भी मिलती है।
प्रश्न: अबुआ आवास और PM आवास में क्या फर्क है? अबुआ आवास झारखंड सरकार की योजना है और उन परिवारों के लिए है जो PMAY में छूट गए। दोनों का लाभ एक साथ नहीं मिलता।
प्रश्न: क्या ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं? नहीं, आवेदन पंचायत या प्रखंड कार्यालय के जरिए होता है। पोर्टल पर लिस्ट और स्थिति देखी जा सकती है।
प्रश्न: घर में कितने कमरे होंगे? 3 कमरों का पक्का घर, शौचालय के साथ।
निष्कर्ष
अबुआ आवास योजना झारखंड के उन लाखों परिवारों के लिए उम्मीद है जो अब तक पक्के घर से वंचित हैं। लाभ पाने के लिए दस्तावेज सही रखें, आधार-बैंक लिंक पूरा कराएं और समय पर निर्माण करें ताकि किस्तें न रुकें।


