Mukhyamantri krishak Uphaar Yojana: उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना उन किसानों के लिए है जो अपनी फ़सल नई बनी मंडियों (मंडी स्थलों) में बेचते हैं। इसमें फ़सल बेचने पर किसान को कूपन मिलता है, और इन कूपनों के लकी ड्रॉ में ट्रैक्टर, पंपसेट, मोटरसाइकिल जैसे कृषि उपयोगी इनाम दिए जाते हैं।
सबसे पहले यह भ्रम दूर करें
ध्यान दें: कई जगह लिखा जा रहा है कि किसानों को “₹5,000 का कूपन” या “₹5,000 मिलेंगे”। यह सही नहीं है। असल नियम यह है कि हर ₹5,000 की बिक्री पर 1 कूपन मिलता है। यह कूपन नकद पैसा नहीं, बल्कि लकी ड्रॉ में शामिल होने का मौका है।
उदाहरण: अगर किसी किसान ने मंडी में ₹1,00,000 की फ़सल बेची, तो उसे 20 कूपन मिलेंगे (₹1,00,000 ÷ ₹5,000 = 20)। जितने ज़्यादा कूपन, लकी ड्रॉ में उतना बड़ा मौका।
एक नज़र में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना | मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| संचालन | उ.प्र. राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद |
| किसे लाभ | नए मंडी स्थलों में फ़सल बेचने वाले किसान [दायरे की ताज़ा स्थिति जांचें] |
| कूपन का नियम | हर ₹5,000 की बिक्री पर 1 कूपन |
| ड्रॉ | मासिक और छमाही लकी ड्रॉ |
| इनाम | पंपसेट, चारा मशीन, ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल, सोलर पंप आदि |
| शुल्क | मुफ़्त |
योजना का मकसद क्या है?
सरकार ने कई नई मंडियाँ बनाई हैं, लेकिन कई किसान अब भी अपनी फ़सल बाहर बिचौलियों को बेच देते हैं। इस योजना से किसानों को संगठित मंडी व्यवस्था में फ़सल बेचने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि उन्हें सही तौल, सही दाम और पक्की रसीद मिले।
कौन-कौन से इनाम मिलते हैं?
मासिक ड्रॉ में:
| इनाम | क्या मिलेगा |
|---|---|
| पहला | 8 हॉर्स पावर का इलेक्ट्रिक पंपसेट |
| दूसरा | चारा काटने की मशीन |
| तीसरा | चैफ़ कटर |
| चौथा | पावर स्प्रेयर |
छमाही ड्रॉ में (बड़े इनाम):
| इनाम | क्या मिलेगा |
|---|---|
| पहला | 35 हॉर्स पावर का ट्रैक्टर |
| दूसरा | छोटा ट्रैक्टर |
| तीसरा | मोटरसाइकिल |
| चौथा | सोलर पंपसेट |
[हर इनाम की संख्या और ड्रॉ किस स्तर (मंडी/मंडल) पर होगा, आधिकारिक अधिसूचना से जांचकर लिखें]
कूपन कैसे मिलेगा? (स्टेप बाय स्टेप)
- अपनी फ़सल योजना में शामिल मंडी स्थल पर ले जाएं।
- मंडी में लाइसेंसधारी व्यापारी या सरकारी क्रय केंद्र को फ़सल बेचें।
- बिक्री के बाद व्यापारी से विक्रेता वाउचर (6-आर) ज़रूर लें। यही आपकी बिक्री का पक्का सबूत है।
- यह वाउचर लेकर मंडी समिति कार्यालय जाएं।
- मंडी समिति आपकी कुल बिक्री के हिसाब से कूपन जारी करेगी (हर ₹5,000 पर एक)।
- कूपन संभालकर रखें। लकी ड्रॉ के नतीजे मंडी समिति से पता करें।
[अपनी नज़दीकी मंडी से खुद पूछकर लिखें: कूपन कितने दिन में मिलता है, क्या मोबाइल पर SMS आता है, ड्रॉ की सूचना कहाँ लगती है]
ज़रूरी बातें
- 6-आर वाउचर के बिना कूपन नहीं मिलेगा। इसलिए हर बिक्री पर व्यापारी से वाउचर ज़रूर मांगें।
- मंडी के बाहर बिचौलियों को बेची गई फ़सल पर कूपन नहीं मिलता।
- कूपन का कोई शुल्क नहीं है। कोई पैसे मांगे तो मंडी सचिव से शिकायत करें।
- सरकारी क्रय केंद्र पर बेची गई फ़सल पर भी कूपन मिल सकता है।
[अपनी मंडी में पक्का करें]
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कूपन से सीधे पैसे मिलेंगे?
नहीं। कूपन सिर्फ़ लकी ड्रॉ में शामिल होने के लिए है। इनाम केवल ड्रॉ में चुने गए किसानों को मिलता है।
क्या सभी मंडियों में यह योजना है?
योजना मुख्य रूप से नए मंडी स्थलों के लिए है। इसका दायरा पूरे मंडी क्षेत्र तक बढ़ाने पर भी विचार हुआ है। [अपने ज़िले की मंडी में ताज़ा स्थिति पूछकर लिखें]
बटाईदार किसान को कूपन मिलेगा?[मंडी परिषद के नियम से जांचकर लिखें]
लकी ड्रॉ का नतीजा कैसे पता चलेगा?
ड्रॉ मंडी समिति या मंडल स्तर पर होता है। नतीजे की जानकारी अपनी मंडी समिति से लें।
आधिकारिक जानकारी:
- उ.प्र. राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद: upmandiparishad.upsdc.gov.in
- अपनी नज़दीकी मंडी समिति का कार्यालय
BigPluse एक सरकारी वेबसाइट नहीं है। यह जानकारी उपलब्ध आधिकारिक विवरण और समाचारों पर आधारित है। इनाम, ड्रॉ और पात्रता के नियम बदल सकते हैं, इसलिए अपनी मंडी समिति से जानकारी ज़रूर पक्की करें।


