PM Shram Yogi Maandhan Yojana 2026: दिहाड़ी मज़दूर, घरेलू कामगार, रिक्शा चालक, रेहड़ी-पटरी वाले, खेतिहर मज़दूर, जिनकी कमाई ₹15,000 महीने से कम है, उनके लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) बुढ़ापे का सहारा बन सकती है। इसकी सबसे खास बात: आप जितना जमा करेंगे, उतना ही सरकार भी आपके खाते में जमा करेगी। 60 साल के बाद हर महीने ₹3,000 पेंशन मिलती है।
Overview
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना | प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) |
| मंत्रालय | श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय |
| किसके लिए | असंगठित क्षेत्र के मज़दूर |
| उम्र | 18 से 40 वर्ष |
| मासिक आय सीमा | ₹15,000 या कम |
| आपका योगदान | ₹55 से ₹200 महीना (उम्र के हिसाब से) |
| सरकार का योगदान | आपके बराबर (1:1) |
| पेंशन | 60 साल के बाद ₹3,000 महीना |
| आवेदन | CSC या maandhan.in |
| हेल्पलाइन | 1800-267-6888 [पक्का करें] |
उम्र के हिसाब से कितना जमा करना होगा?
| जुड़ने की उम्र | आपका हिस्सा (महीना) | सरकार का हिस्सा (महीना) | कुल जमा (महीना) |
|---|---|---|---|
| 18 साल | ₹55 | ₹55 | ₹110 |
| 20 साल | ₹65 | ₹65 | ₹130 |
| 25 साल | ₹80 | ₹80 | ₹160 |
| 29 साल | ₹100 | ₹100 | ₹200 |
| 30 साल | ₹105 | ₹105 | ₹210 |
| 35 साल | ₹150 | ₹150 | ₹300 |
| 40 साल | ₹200 | ₹200 | ₹400 |
उदाहरण: 25 साल का एक मज़दूर जुड़ता है। वह 35 साल तक हर महीने ₹80 देगा (कुल लगभग ₹33,600), और सरकार भी उतना ही देगी। 60 साल के बाद उसे जीवन भर ₹3,000 महीना मिलेगा।
कौन जुड़ सकता है?
- असंगठित क्षेत्र में काम करता हो (मज़दूर, घरेलू कामगार, ड्राइवर, रेहड़ी-पटरी, खेतिहर मज़दूर, निर्माण मज़दूर आदि)
- उम्र 18 से 40 वर्ष
- मासिक आय ₹15,000 या कम
- EPF, ESIC या NPS का सदस्य न हो
- आयकर न भरता हो
- आधार और बचत खाता (या जन धन खाता) हो
परिवार को क्या मिलेगा?
| स्थिति | क्या मिलेगा |
|---|---|
| 60 के बाद | सदस्य को ₹3,000 महीना जीवन भर |
| 60 के बाद सदस्य की मृत्यु | पति/पत्नी को ₹1,500 महीना (50%) पारिवारिक पेंशन |
| 60 से पहले सदस्य की मृत्यु या स्थायी विकलांगता | पति/पत्नी योगदान जारी रखकर योजना चला सकते हैं, या जमा राशि ब्याज सहित निकाल सकते हैं [नियम पक्का करें] |
ध्यान दें: पारिवारिक पेंशन सिर्फ़ पति/पत्नी को मिलती है, बच्चों को नहीं। और पेंशन ₹3,000 तय है, महंगाई के साथ नहीं बढ़ती।
अटल पेंशन या श्रम योगी मानधन: कौन-सी लें?
| PM श्रम योगी मानधन | अटल पेंशन योजना | |
|---|---|---|
| किसके लिए | ₹15,000/माह तक कमाने वाले असंगठित मज़दूर | 18-40 के सभी जो आयकर नहीं भरते |
| पेंशन | तय ₹3,000 | ₹1,000 से ₹5,000 (आपकी पसंद) |
| सरकार का योगदान | हाँ, आपके बराबर | नहीं (नए सदस्यों के लिए) |
| 18 की उम्र में ₹3,000 पेंशन के लिए | ₹55/माह | ₹126/माह |
| पति/पत्नी को | आधी पेंशन (₹1,500) | पूरी पेंशन |
| नॉमिनी को जमा राशि | नहीं [पक्का करें] | हाँ |
| आय सीमा | ₹15,000/माह | कोई नहीं (सिर्फ़ आयकरदाता बाहर) |
सीधी सलाह: अगर आपकी कमाई ₹15,000 से कम है, तो PM-SYM में कम पैसे में ₹3,000 पेंशन मिलती है क्योंकि आधा पैसा सरकार देती है। अगर ज़्यादा पेंशन या परिवार को पूरी पेंशन चाहिए, तो अटल पेंशन बेहतर है। [अपने अटल पेंशन वाले पोस्ट का लिंक दें]
आवेदन कैसे करें?
CSC (जन सेवा केंद्र) से:
- आधार कार्ड और बैंक पासबुक/जन धन खाते की जानकारी लेकर नज़दीकी CSC पर जाएं।
- आधार बायोमेट्रिक से रजिस्ट्रेशन होगा।
- उम्र के हिसाब से योगदान राशि अपने आप तय होगी।
- पहली किस्त नकद दें, आगे की किस्तें खाते से अपने आप कटेंगी।
- श्रम योगी कार्ड (पेंशन खाता नंबर के साथ) मिल जाएगा।
खुद ऑनलाइन: maandhan.in पर सेल्फ़ एनरोलमेंट का विकल्प है। [पोर्टल पर विकल्प और स्टेप का स्क्रीनशॉट]
ई-श्रम कार्ड है? ई-श्रम में रजिस्टर्ड मज़दूर इस योजना से आसानी से जुड़ सकते हैं। [अपने ई-श्रम वाले पोस्ट का लिंक दें]
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बीच में किस्त छूट गई तो?
बकाया किस्त जुर्माने के साथ भरकर खाता चालू रख सकते हैं। [जुर्माने की दर पोर्टल से पक्की करें]
योजना बीच में छोड़ सकते हैं?
हाँ। 10 साल से पहले छोड़ने पर अपना योगदान बचत खाते की ब्याज दर के साथ वापस मिलता है। 10 साल बाद छोड़ने पर अपना हिस्सा फ़ंड की कमाई या बचत ब्याज, जो ज़्यादा हो, उसके साथ मिलता है। सरकार का हिस्सा वापस नहीं मिलता। [नियम पक्का करें]
40 साल से ज़्यादा उम्र वाले?
इस योजना में नहीं जुड़ सकते।
आधिकारिक जानकारी:
- मानधन पोर्टल: maandhan.in
- PIB प्रेस रिलीज़ (4 मार्च 2025): pib.gov.in
- नज़दीकी CSC
BigPluse एक सरकारी वेबसाइट नहीं है और यह लेख निवेश सलाह नहीं है। योगदान और पेंशन की जानकारी आधिकारिक स्रोतों पर आधारित है। जुड़ने से पहले CSC या maandhan.in से नियम ज़रूर पक्के करें।


