PM Fasal Bima Yojana रबी की बुवाई शुरू हो चुकी है। ओलावृष्टि, बेमौसम बारिश, पाला या कीट से फ़सल खराब होने का डर हर किसान को रहता है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) में रबी फ़सलों का बीमा सिर्फ़ 1.5% प्रीमियम पर होता है, बाकी प्रीमियम सरकार देती है। इस लेख में जानिए आवेदन कैसे करें, कितना पैसा लगेगा और नुकसान होने पर क्लेम कैसे मिलेगा।
Overview
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना | प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) |
| सीज़न | रबी 2026-27 |
| फ़सलें | गेहूं, सरसों, चना, मसूर, जौ आदि (राज्य की अधिसूचना के अनुसार) |
| किसान का प्रीमियम (रबी अनाज/तिलहन) | बीमा राशि का 1.5% |
| बागवानी/व्यावसायिक फ़सलें | 5% |
| बाकी प्रीमियम | केंद्र और राज्य सरकार देती हैं |
| सामान्य अंतिम तारीख | 31 दिसंबर 2026 [UP की अधिसूचना से पक्का करें] |
| आवेदन | pmfby.gov.in, बैंक, CSC |
कितना प्रीमियम लगेगा? (आसान उदाहरण)
मान लीजिए आपके खेत में गेहूं की बीमा राशि (Sum Insured) ₹50,000 तय है।
- आपको देना होगा: ₹50,000 का 1.5% = सिर्फ़ ₹750
- बाकी प्रीमियम सरकार भरेगी।
किन नुकसानों पर बीमा मिलता है?
- बुवाई न हो पाना: खराब मौसम के कारण बुवाई ही न हो सके
- खड़ी फ़सल का नुकसान: सूखा, बाढ़, कीट, बीमारी, ओलावृष्टि आदि
- स्थानीय आपदा: ओलावृष्टि, जलभराव, भूस्खलन जैसे नुकसान जो किसी एक इलाके में हों
- कटाई के बाद नुकसान: कटाई के बाद खेत में सूखने के लिए रखी फ़सल को बेमौसम बारिश या ओले से नुकसान
कौन जुड़ सकता है?
1. लोन वाले किसान (KCC या फ़सल ऋण):
- बैंक आपके खाते से प्रीमियम अपने आप काटकर बीमा कर देता है।
- अगर आप बीमा नहीं चाहते, तो अंतिम तारीख से पहले बैंक में लिखित में मना करना होगा। 2020 से यह स्वैच्छिक है।
- पासबुक में “फ़सल बीमा प्रीमियम” की एंट्री देखकर पक्का करें।
[अपने KCC वाले पोस्ट का लिंक दें]
2. बिना लोन वाले किसान:
- खुद pmfby.gov.in, बैंक या CSC के ज़रिए आवेदन करना होगा।
ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- खतौनी (भू-अभिलेख)
- बैंक पासबुक (खाता आधार से जुड़ा हो)
- बुवाई प्रमाण पत्र (लेखपाल/पटवारी से या स्व-घोषणा)
[UP में क्या मान्य है, जांचें] - बटाईदार हैं तो किरायानामा/समझौता
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
- pmfby.gov.in खोलें।
- Farmer Corner में Apply for Crop Insurance yourself चुनें।
- मोबाइल नंबर से रजिस्टर/लॉगिन करें।
- राज्य, ज़िला, सीज़न (रबी 2026-27), फ़सल और खेत की जानकारी भरें।
- दस्तावेज़ अपलोड करें और प्रीमियम ऑनलाइन भरें।
- पॉलिसी की रसीद डाउनलोड करके रखें।
[पोर्टल पर खुद करके हर स्टेप का स्क्रीनशॉट लगाएं, बटन के नाम मिलाकर]
नुकसान होने पर क्लेम कैसे करें? (72 घंटे का नियम)
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सबसे ज़रूरी बात: ओलावृष्टि, जलभराव या कटाई के बाद बारिश जैसे स्थानीय नुकसान की सूचना 72 घंटे के अंदर देनी होती है। देर होने पर क्लेम में दिक्कत आ सकती है।
सूचना देने के तरीके:
- Crop Insurance ऐप (Play Store) से फ़ोटो के साथ
- फ़सल बीमा हेल्पलाइन पर कॉल करके
[हेल्पलाइन नंबर pmfby.gov.in से पक्का करके लिखें] - अपने बैंक, कृषि विभाग कार्यालय या बीमा कंपनी के ज़िला कार्यालय में
सूचना के बाद बीमा कंपनी और कृषि विभाग नुकसान का सर्वे करते हैं, और क्लेम का पैसा सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में आता है।
आम गलतियाँ जिनसे बचें
| गलती | नतीजा |
|---|---|
| अंतिम तारीख निकल जाना | पूरे सीज़न का बीमा नहीं मिलेगा |
| 72 घंटे में नुकसान की सूचना न देना | क्लेम अटक सकता है |
| आवेदन में गलत फ़सल लिखना | क्लेम खारिज हो सकता है |
| बैंक खाता आधार से लिंक न होना | क्लेम का पैसा नहीं आएगा |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या KCC वालों का बीमा अपने आप हो जाता है?
हाँ, बैंक प्रीमियम काट लेता है, जब तक आप अंतिम तारीख से पहले लिखित में मना न करें।
एक ही खेत का दो बार बीमा हो सकता है?
नहीं। एक खेत/फ़सल का एक ही बीमा मान्य है। KCC वाले खुद से दोबारा आवेदन न करें।
क्लेम कितने दिन में आता है?[UP में पिछले सीज़न का अनुभव या आधिकारिक समय-सीमा जांचकर लिखें]
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आधिकारिक जानकारी:
- PM फसल बीमा पोर्टल: pmfby.gov.in
- Crop Insurance ऐप: Google Play Store
- उत्तर प्रदेश कृषि विभाग: agriculture.up.gov.in
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BigPluse एक सरकारी वेबसाइट नहीं है। यह जानकारी PMFBY के आधिकारिक नियमों पर आधारित है। अधिसूचित फ़सलें, बीमा राशि और अंतिम तारीख राज्य और ज़िले के अनुसार अलग हो सकती हैं, इसलिए pmfby.gov.in या अपने बैंक से जानकारी ज़रूर पक्की करें।


