केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8th Pay Commission को लेकर एक और महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की चंडीगढ़ में हुई बैठकों का दौर 18 सितंबर 2026 को पूरा हो गया। आयोग ने 16 से 18 सितंबर के बीच कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स संगठनों और दूसरे संबंधित पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की।
इन बैठकों में वेतन, पेंशन, फिटमेंट फैक्टर, DA, HRA और दूसरी सुविधाओं से जुड़ी अलग-अलग मांगों पर चर्चा हुई।
सबसे ज्यादा चर्चा Fitment Factor को लेकर हो रही है। इसके अलावा कुछ कर्मचारी संगठनों की तरफ से साल में चार बार DA बढ़ाने की मांग भी सामने आई है।
चंडीगढ़ में 8th Pay Commission की बैठक कब हुई?
8th Pay Commission की चंडीगढ़ बैठक 16 सितंबर से 18 सितंबर 2026 तक चली।
इस दौरान आयोग ने कर्मचारी यूनियनों, फेडरेशनों, पेंशनर्स संगठनों और अन्य हितधारकों से बातचीत की। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य अलग-अलग संगठनों की मांगों और सुझावों को सुनना और उन्हें आयोग की प्रक्रिया में शामिल करना है।
चंडीगढ़ का यह दौरा पहले चेन्नई, पुडुचेरी और जयपुर में हुई बैठकों के बाद हुआ।
सबसे बड़ा मुद्दा Fitment Factor क्यों है?
8th Pay Commission में कर्मचारियों के लिए Fitment Factor सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है।
Fitment Factor का इस्तेमाल मौजूदा Basic Pay को संशोधित वेतन संरचना में बदलने के लिए किया जाता है। इसलिए कर्मचारी संगठनों की नजर इस बात पर है कि नया Pay Commission किस Fitment Factor की सिफारिश करता है।
7th Pay Commission में 2.57 का Fitment Factor लागू किया गया था। अब 8th Pay Commission को लेकर कर्मचारी संगठनों की तरफ से इससे ज्यादा Fitment Factor की मांग की जा रही है।
3.5 Fitment Factor की मांग क्या है?
चंडीगढ़ बैठक के आसपास सामने आई रिपोर्टों में 3.5 Fitment Factor की मांग का भी उल्लेख किया गया है।
इसका मतलब यह नहीं है कि 8th Pay Commission ने 3.5 Fitment Factor तय कर दिया है।
यह फिलहाल कर्मचारी संगठनों की तरफ से रखी गई मांग/प्रस्ताव के रूप में समझना चाहिए।
अलग-अलग संगठनों की Fitment Factor को लेकर अलग-अलग मांगें सामने आई हैं। कुछ रिपोर्टों में 3.25, 3.5 और इससे भी अलग आंकड़ों का उल्लेख किया गया है।
इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि कर्मचारियों के लिए 3.5 Fitment Factor फाइनल हो गया है।
अगर 3.5 Fitment Factor हुआ तो Basic Salary कितनी होगी?
यहां एक उदाहरण समझना जरूरी है।
अगर किसी कर्मचारी का मौजूदा Basic Pay ₹18,000 है और केवल उदाहरण के तौर पर 3.5 Fitment Factor लगाया जाए, तो:
₹18,000 × 3.5 = ₹63,000
यानी गणित के हिसाब से Basic Pay ₹63,000 हो सकता है।
लेकिन यह सिर्फ एक उदाहरण/सैद्धांतिक गणना है।
इसका मतलब यह नहीं है कि 8th Pay Commission में ₹18,000 Basic Pay वाले सभी कर्मचारियों की Basic Salary सीधे ₹63,000 हो जाएगी।
असल Salary Revision में Pay Matrix, मौजूदा Basic Pay, DA और आयोग की अंतिम सिफारिश जैसे कई factors महत्वपूर्ण होंगे।
7th Pay Commission में क्या था?
7th Pay Commission में Fitment Factor 2.57 रखा गया था।
उस समय न्यूनतम Basic Pay को ₹7,000 से बढ़ाकर ₹18,000 किया गया था।
अब 8th Pay Commission में कर्मचारी संगठन इससे बेहतर वेतन संशोधन की मांग कर रहे हैं।
इसी वजह से Fitment Factor को लेकर कर्मचारियों के बीच काफी चर्चा है।
DA को लेकर भी बड़ी मांग
8th Pay Commission की चर्चाओं में DA यानी Dearness Allowance भी महत्वपूर्ण मुद्दा है।
अभी केंद्रीय कर्मचारियों के DA में सामान्य तौर पर साल में दो बार संशोधन होता है—जनवरी और जुलाई।
कुछ कर्मचारी संगठनों की मांग है कि महंगाई के असर को जल्दी वेतन में शामिल करने के लिए DA में साल में चार बार संशोधन किया जाए।
यानी हर तीन महीने में DA की समीक्षा/बढ़ोतरी की व्यवस्था की मांग सामने आई है।
क्या साल में 4 बार DA बढ़ना तय हो गया?
नहीं।
यह बात विशेष रूप से समझना जरूरी है।
साल में चार बार DA बढ़ाने की मांग सामने आई है, लेकिन यह अभी सरकारी फैसला नहीं है।
वर्तमान व्यवस्था में DA साल में दो बार संशोधित किया जाता है।
अगर भविष्य में सरकार या 8th Pay Commission इस संबंध में कोई आधिकारिक सिफारिश या आदेश जारी करता है, तभी इसे लागू व्यवस्था माना जाएगा।
इसलिए फिलहाल इसे DA की मांग के रूप में ही देखना चाहिए।
DA को Basic Salary में Merge करने की मांग
DA से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण मांग सामने आई है।
कुछ कर्मचारी संगठनों ने यह मांग रखी है कि जब DA एक निश्चित स्तर तक पहुंच जाए तो उसे Basic Pay में मर्ज किया जाए।
रिपोर्टों के अनुसार कुछ संगठनों ने 25 प्रतिशत DA के स्तर पर उसे Basic Pay में शामिल करने की मांग रखी है।
हालांकि यह भी अभी मांग है और इसे सरकार का अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता।
HRA में बदलाव की मांग
8th Pay Commission के सामने HRA यानी House Rent Allowance में बदलाव की मांग भी रखी गई है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा समय में मकान किराए और रहने की लागत को देखते हुए HRA में सुधार की जरूरत है।
खासकर बड़े शहरों में HRA को लेकर कर्मचारी संगठनों की तरफ से अधिक लाभ की मांग की जा रही है।
Family Unit को 3 से 5 करने की मांग
8th Pay Commission से जुड़ी चर्चाओं में Family Unit को लेकर भी मांग सामने आई है।
कुछ कर्मचारी संगठनों की मांग है कि मौजूदा Family Unit को 3 से बढ़ाकर 5 किया जाए।
इसके पीछे माता-पिता की जिम्मेदारी को भी परिवार की आवश्यकताओं में शामिल करने का तर्क दिया गया है।
यह भी अभी मांग के स्तर पर है।
हर 5 साल में Salary Revision की मांग
कर्मचारी संगठनों की तरफ से Salary Revision और Selection Pay Scale से संबंधित भी मांगें रखी गई हैं।
कुछ संगठनों ने वेतन संशोधन से जुड़े अंतराल को कम करने की मांग की है।
रिपोर्टों के अनुसार हर 5 साल में कुछ वेतन संबंधी समीक्षा/संशोधन की मांग भी सामने आई है।
Pensioners के लिए क्या मांग है?
8th Pay Commission सिर्फ कर्मचारियों के वेतन तक सीमित नहीं है।
पेंशनर्स संगठनों की तरफ से भी पेंशन संशोधन और दूसरी सुविधाओं को लेकर मांगें रखी जा रही हैं।
पेंशनर्स के लिए पेंशन Revision, महंगाई राहत और अन्य सुविधाओं में सुधार जैसे मुद्दे भी चर्चा का हिस्सा हैं।
इसलिए 8th Pay Commission का असर सिर्फ वर्तमान कर्मचारियों पर नहीं बल्कि पात्र पेंशनर्स की व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
Nurses और दूसरे कर्मचारी संगठनों ने भी मांगें रखीं
चंडीगढ़ में अलग-अलग कर्मचारी समूहों ने अपनी-अपनी मांगें आयोग के सामने रखीं।
नर्सिंग संगठनों की तरफ से Entry-Level Pay, Night Duty Allowance, Insurance और Pension से जुड़े मुद्दे उठाए गए। एक रिपोर्ट के अनुसार PGIMER से जुड़े नर्सिंग प्रतिनिधियों ने 3.25 Fitment Factor की मांग भी रखी।
इससे साफ है

