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UP Pashupalan Yojana 2026: गाय पालने पर मिलेंगे ₹15,000, जानें कौन ले सकता है लाभ और आवेदन तरीका

Yash Jaiswal Fact-checked
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UP Pashupalan Yojana 2026: अगर आप उत्तर प्रदेश में गाय पालन करते हैं या डेयरी का काम करते हैं, तो आपके लिए मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना महत्वपूर्ण हो सकती है। इस योजना का उद्देश्य अच्छी नस्ल की स्वदेशी गायों के पालन, दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों की आय में सुधार को प्रोत्साहित करना है।

सबसे जरूरी बात यह है कि ₹15,000 हर गाय पालने वाले व्यक्ति को सीधे नहीं मिलते। यह प्रोत्साहन राशि निर्धारित नस्ल और निर्धारित दूध उत्पादन मानक पूरा करने वाली गाय के आधार पर दी जाती है। उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक जानकारी के अनुसार प्रोत्साहन राशि ₹10,000 या ₹15,000 प्रति गाय है।

UP Pashupalan Yojana 2026 क्या है?

इस योजना का आधिकारिक नाम मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना है। यह उत्तर प्रदेश के दुग्ध विकास विभाग के नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित है।

योजना के तहत उच्च गुणवत्ता और अधिक दूध देने वाली स्वदेशी नस्ल की गायों को पालने वाले पात्र पशुपालकों को प्रदर्शन के आधार पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह योजना उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में लागू है। (Nand Baba Dugdh Mission)

योजना में कितनी राशि मिलती है?

प्रोत्साहन राशि गाय की नस्ल और उसके निर्धारित दैनिक दूध उत्पादन पर निर्भर करती है।

गाय की नस्लनिर्धारित दूध उत्पादनप्रोत्साहन
साहीवाल8–12 किलो प्रतिदिन₹10,000
साहीवाल12 किलो से अधिक₹15,000
गिर8–12 किलो प्रतिदिन₹10,000
गिर12 किलो से अधिक₹15,000
थारपारकर8–12 किलो प्रतिदिन₹10,000
थारपारकर12 किलो से अधिक₹15,000
हरियाणा7–10 किलो प्रतिदिन₹10,000
हरियाणा10 किलो से अधिक₹15,000
गंगातीरी7–8 किलो प्रतिदिन₹10,000
गंगातीरी8 किलो से अधिक₹15,000

ये उत्पादन मानक और प्रोत्साहन राशि योजना के आधिकारिक शासनादेश में दिए गए हैं।

इसलिए केवल गाय खरीद लेने पर ₹15,000 मिलना जरूरी नहीं है। गाय को संबंधित स्वदेशी नस्ल और निर्धारित दूध उत्पादन मानक पर खरा उतरना होगा।


कौन-कौन सी गाय इस योजना में शामिल हैं?

मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना में मुख्य रूप से इन स्वदेशी नस्लों को शामिल किया गया है:

  • गिर
  • साहीवाल
  • थारपारकर
  • हरियाणा
  • गंगातीरी

आधिकारिक योजना के अनुसार इन नस्लों की उच्च उत्पादकता वाली गायों को प्रोत्साहित किया जाता है। (Nand Baba Dugdh Mission)


UP Pashupalan Yojana 2026 की पात्रता

योजना के लिए कुछ महत्वपूर्ण शर्तें रखी गई हैं।

1. उत्तर प्रदेश का निवासी होना जरूरी

आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए।

2. उम्र 18 वर्ष से अधिक हो

योजना में आवेदन करने के लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।

3. व्यक्तिगत पशुपालक आवेदन कर सकता है

यह योजना व्यक्तिगत लाभार्थियों के लिए है। इसलिए समूह, फर्म या संगठन इस योजना के तहत आवेदन नहीं कर सकते। (Nand Baba Dugdh Mission)

4. गाय निर्धारित नस्ल की हो

गाय गिर, साहीवाल, थारपारकर, हरियाणा या गंगातीरी जैसी योजना में निर्धारित स्वदेशी नस्ल की होनी चाहिए।

5. दूध उत्पादन निर्धारित मानक के अनुसार होना चाहिए

₹10,000 या ₹15,000 की प्रोत्साहन राशि गाय के वास्तविक दूध उत्पादन की जांच और निर्धारित मानक के आधार पर तय होती है। विभागीय समिति द्वारा दूध उत्पादन का सत्यापन किया जाता है।


एक पशुपालक को कितनी गायों पर लाभ मिलेगा?

इस योजना में एक पशुपालक को अधिकतम 2 गायों के लिए प्रोत्साहन राशि की अनुमति है।

साथ ही, किसी गाय के जीवनकाल में इस योजना के तहत प्रोत्साहन का लाभ एक बार दिया जाता है। योजना प्रथम, द्वितीय और तृतीय ब्यांत की गायों पर लागू है।

इसका मतलब यह नहीं है कि हर साल उसी गाय पर ₹15,000 मिलता रहेगा।


आवेदन कब करना होगा?

यह सबसे महत्वपूर्ण शर्तों में से एक है।

गाय के ब्यांत/Calving की तारीख से 45 दिनों के अंदर आवेदन करना होता है।

इसलिए पात्र पशुपालक को गाय के ब्यांत की तारीख का रिकॉर्ड संभालकर रखना चाहिए और समय सीमा समाप्त होने से पहले आवेदन करना चाहिए।


आवेदन कैसे करें?

योजना में आवेदन निर्धारित प्रारूप के अनुसार किया जाता है।

आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार आवेदन ऑनलाइन निर्धारित प्रारूप में किए जाने हैं। पोर्टल ऑनलाइन उपलब्ध होने तक कुछ मामलों में ऑफलाइन आवेदन संबंधित जिले के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) कार्यालय में सीधे या रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से भेजने की व्यवस्था दी गई है। (Nand Baba Dugdh Mission)

आवेदन की सामान्य प्रक्रिया

  • Step 1: नन्द बाबा दुग्ध मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • Step 2: योजना सेक्शन में मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना चुनें।
  • Step 3: उपलब्ध आवेदन/पंजीकरण प्रक्रिया देखें।
  • Step 4: मांगी गई जानकारी भरें।
  • Step 5: जरूरी दस्तावेज और गाय से संबंधित जानकारी जमा करें।
  • Step 6: आवेदन निर्धारित माध्यम से जमा करें।
  • Step 7: विभाग द्वारा आवेदन और गाय के दूध उत्पादन का सत्यापन किया जाएगा।
  • Step 8: पात्र पाए जाने पर प्रोत्साहन राशि बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाएगी।

आधिकारिक योजना वेबसाइट: नन्द बाबा दुग्ध मिशन – मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना


कौन-कौन से दस्तावेज लग सकते हैं?

आधिकारिक आवेदन प्रारूप में मुख्य रूप से निम्न दस्तावेज/जानकारियां मांगी गई हैं:

  • आधार कार्ड की प्रति
  • गाय की पहचान के लिए माइक्रोचिप/ईयर टैग या मान्य पहचान प्रणाली का प्रमाण और पहचान संख्या
  • गाय के सक्रिय बीमा की जानकारी
  • पशुपालक की बैंक पासबुक की प्रति/कैंसिल चेक
  • गाय के साथ पशुपालक का फोटो
  • गाय की ब्यांत संबंधी घोषणा/शपथ-पत्र
  • बैंक खाते की जानकारी

आधिकारिक आवेदन प्रारूप में इन दस्तावेजों को अनिवार्य संलग्नकों में शामिल किया गया है।

ध्यान दें: आवेदन से पहले अपने जिले के संबंधित पशुपालन/दुग्ध विकास अधिकारी से वर्तमान दस्तावेज सूची की पुष्टि करना बेहतर रहेगा, क्योंकि ऑनलाइन आवेदन व्यवस्था और स्थानीय प्रक्रिया में बदलाव हो सकता है।


गाय के दूध उत्पादन की जांच कैसे होगी?

यह योजना सिर्फ कागजों के आधार पर ₹15,000 देने वाली योजना नहीं है। गाय की दूध उत्पादकता का स्थानीय सत्यापन किया जाता है।

आधिकारिक शासनादेश के अनुसार आवेदन मिलने के बाद संबंधित जिले के अधिकारी/समिति द्वारा पशुपालक की गाय की दूध उत्पादकता का सत्यापन किया जाता है। दूध उत्पादन का आकलन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।

इसके बाद पात्रता और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने पर प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की जाती है।


पैसा कैसे मिलेगा?

अगर आवेदन सत्यापन के बाद पात्र पाया जाता है और सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी हो जाती हैं, तो प्रोत्साहन राशि DBT यानी Direct Benefit Transfer के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। (Nand Baba Dugdh Mission)

इसलिए आवेदन करते समय बैंक खाते की जानकारी सही देना बहुत जरूरी है।


क्या हर गाय पर ₹15,000 मिलेगा?

नहीं।

यह बात विशेष रूप से समझना जरूरी है।

योजना में ₹15,000 की अधिकतम प्रोत्साहन राशि है। इसके लिए संबंधित नस्ल की गाय को निर्धारित दैनिक दूध उत्पादन मानक पूरा करना होगा।

उदाहरण के लिए:

  • साहीवाल गाय: 12 किलो से अधिक दूध → ₹15,000
  • गिर गाय: 12 किलो से अधिक दूध → ₹15,000
  • थारपारकर: 12 किलो से अधिक दूध → ₹15,000
  • हरियाणा: 10 किलो से अधिक दूध → ₹15,000
  • गंगातीरी: 8 किलो से अधिक दूध → ₹15,000

कम निर्धारित उत्पादन पर ₹10,000 की श्रेणी लागू होती है।


क्या 2 गायों पर ₹30,000 मिल सकते हैं?

योजना में एक पशुपालक को अधिकतम 2 गायों के लिए प्रोत्साहन राशि की अनुमति है। इसलिए यदि दोनों गायें योजना की सभी शर्तें पूरी करती हैं और दोनों ₹15,000 वाली श्रेणी में आती हैं, तो कुल प्रोत्साहन ₹30,000 तक हो सकता है।

लेकिन इसे गारंटीड ₹30,000 नहीं समझना चाहिए। राशि वास्तविक पात्रता, नस्ल, दूध उत्पादन और विभागीय सत्यापन पर निर्भर करेगी। (Nand Baba Dugdh Mission)


योजना का उद्देश्य क्या है?

सरकार इस योजना के जरिए केवल आर्थिक सहायता देना नहीं चाहती, बल्कि प्रदेश में अच्छी नस्ल की गायों और बेहतर दूध उत्पादन को बढ़ावा देना चाहती है।

योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:

  1. स्वदेशी नस्ल की अच्छी गायों के पालन को बढ़ावा देना।
  2. गायों की नस्ल सुधार को प्रोत्साहित करना।
  3. दूध उत्पादन बढ़ाना।
  4. पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद करना।
  5. प्रदेश में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में काम करना।

दूसरी UP पशुपालन योजनाएं भी हैं

अगर आपका उद्देश्य सिर्फ एक-दो गाय पालना नहीं बल्कि बड़ा डेयरी व्यवसाय शुरू करना है, तो उत्तर प्रदेश में अन्य योजनाएं भी उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना

इस योजना में गिर, साहीवाल, हरियाणा और थारपारकर जैसी उन्नत नस्लों की 2 गायों की इकाई के लिए अधिकतम ₹80,000 तक अनुदान का प्रावधान है। यह योजना प्रदेश के सभी जिलों में लागू बताई गई है। (Nand Baba Dugdh Mission)

मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना

इस योजना में 10 गायों की इकाई स्थापित करने के लिए परियोजना लागत के 50% तक, अधिकतम ₹11.80 लाख अनुदान का प्रावधान है। (Nand Baba Dugdh Mission)

नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना

25 गायों की इकाई के लिए परियोजना लागत के 50% तक अनुदान का प्रावधान है, जिसकी अधिकतम राशि संबंधित परियोजना के अनुसार लगभग ₹30.50–₹31.25 लाख तक बताई गई है।

इसलिए ₹15,000 वाली योजना और डेयरी यूनिट वाली योजनाओं को एक ही योजना न समझें।

निष्कर्ष

UP Pashupalan Yojana 2026 के नाम से सोशल मीडिया पर कई तरह की जानकारी देखने को मिल सकती है, लेकिन आधिकारिक जानकारी के अनुसार ₹15,000 वाला प्रावधान मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना से संबंधित है।

इस योजना में उत्तर प्रदेश के पात्र पशुपालकों को गिर, साहीवाल, थारपारकर, हरियाणा और गंगातीरी जैसी निर्धारित स्वदेशी नस्लों की उच्च उत्पादकता वाली गायों पर ₹10,000 या ₹15,000 प्रति गाय प्रोत्साहन मिल सकता है। एक पशुपालक अधिकतम 2 गायों के लिए लाभ ले सकता है और आवेदन गाय के ब्यांत की तारीख से 45 दिनों के अंदर करना होता है। भुगतान पात्रता और सत्यापन के बाद DBT के जरिए बैंक खाते में किया जाता है।

सबसे जरूरी बात: “गाय पालने पर सीधे ₹15,000” कहना सही नहीं होगा। ₹15,000 पाने के लिए निर्धारित नस्ल, दूध उत्पादन और विभागीय सत्यापन जैसी शर्तें पूरी करनी होती हैं।

आधिकारिक जानकारी

नन्द बाबा दुग्ध मिशन की आधिकारिक वेबसाइट

मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना – आधिकारिक पेज

Yash Jaiswal

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