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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा! 💥 CJP Protest के आगे झुकी सरकार? | NEET Leak Update

Yash Jaiswal Fact-checked
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आज, 25 जुलाई 2026 को देश की राजनीति में एक बड़ी खबर आई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह खबर अचानक नहीं आई, बल्कि कई हफ्तों से चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बाद सामने आई है। आइए इस पूरी घटना को स्टेप-बाय-स्टेप, आसान भाषा में समझते हैं।

स्टेप 1: इस्तीफा कब और कैसे हुआ

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने देश के युवाओं के नाम एक दो पन्नों की सार्वजनिक चिट्ठी लिखी, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने यह इस्तीफा छात्रों के हित में और इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से भुनाए जाने से रोकने के लिए दिया है।

इस चिट्ठी में प्रधान ने कहा कि छात्रों का भविष्य राजनीतिक लड़ाई का शिकार नहीं बनना चाहिए।

स्टेप 2: पूरा मामला शुरू कहां से हुआ

इस पूरे विवाद की जड़ है NEET-UG परीक्षा, जो डॉक्टर बनने के इच्छुक लाखों छात्रों के लिए हर साल आयोजित होती है।

3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ियां सामने आईं। सरकार ने तुरंत मामले की जांच CBI को सौंपी, परीक्षा रद्द की और नई परीक्षा कराने का ऐलान किया। साथ ही, सरकार ने यह भी फैसला लिया कि अगले साल से NEET को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के रूप में कराया जाएगा, ताकि पारदर्शिता बढ़े।

प्रधान के मुताबिक, केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों ने मिलकर 21 जून को दोबारा परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित करवाई, जिसमें 20 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुए।

स्टेप 3: विरोध-प्रदर्शन कैसे शुरू हुआ

गड़बड़ी की खबर के बाद देशभर में गुस्सा फैल गया। इसी गुस्से से एक नया आंदोलन जन्मा — “कॉकरोच मूवमेंट” (Cockroach Movement)।

यह युवाओं के नेतृत्व वाला आंदोलन करीब दो महीने पहले एक व्यंग्यात्मक (सटायरिकल) ऑनलाइन कैंपेन के रूप में शुरू हुआ था, लेकिन जल्द ही यह देश की राजधानी में हजारों प्रदर्शनकारियों को सड़कों पर लाने वाली एक बड़ी राजनीतिक ताकत बन गया।

इस आंदोलन से जुड़े लोगों ने खुद को “कॉकरोच जनता पार्टी” (CJP) नाम दिया। जून में CJP के सदस्यों ने जंतर-मंतर पर धरना देना शुरू किया और तब तक हटने से इनकार कर दिया जब तक प्रधान इस्तीफा नहीं देते। छात्रों के अलावा पेशेवर लोग और छोटे बच्चों वाले परिवार भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।

स्टेप 4: सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल

इस आंदोलन को और ताकत मिली जब जाने-माने शिक्षा कार्यकर्ता सोनम वांगचुक इसमें शामिल हुए।

28 जून को सोनम वांगचुक ने CJP के समर्थन में भूख हड़ताल शुरू की, जिसके बाद जंतर-मंतर पर और भी ज्यादा लोग जुटने लगे। वांगचुक पहले भी अपने प्रदर्शनों की वजह से सरकार की नजरों में रह चुके हैं।

स्टेप 5: प्रदर्शन उग्र होते गए

जुलाई आते-आते प्रदर्शन और तेज हो गए। 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में पुलिस और CJP समर्थकों के बीच झड़प भी हुई, जिसमें पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।

इसके साथ ही फिल्म जगत से भी आवाजें उठने लगीं। अभिनेत्री ज्योतिका ने खुलकर जेन-Z छात्रों का साथ देते हुए धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने की मांग की, जबकि फिल्मकार शेखर कम्मुला ने युवाओं की एकजुटता की तारीफ की।

स्टेप 6: सरकार पर बढ़ता दबाव

एक महीने से ज्यादा समय तक चले इस धरने और लगातार बढ़ते जन-दबाव के बीच आखिरकार आज दोपहर बड़ा ऐलान हुआ। खबरों में यह भी बताया गया था कि दोपहर 3 बजे सरकार और CJP के बीच बातचीत होनी थी, जिसके बाद कोई बड़ा फैसला आने की उम्मीद थी। उसी के बाद प्रधान का इस्तीफा सामने आया।

स्टेप 7: प्रधान ने अपनी चिट्ठी में क्या कहा

अपने इस्तीफे की चिट्ठी में धर्मेंद्र प्रधान ने भावुक अंदाज में अपनी बात रखी:

  • उन्होंने शिक्षा से जुड़े अपने चार दशक लंबे सफर को याद किया — एक छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के पैरोकार के तौर पर।
  • उन्होंने कहा कि उनका हमेशा से मानना रहा है कि एक मजबूत, समावेशी और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही एक मजबूत राष्ट्र की नींव होती है।
  • उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया कि उन्हें उनके नेतृत्व में देश की सेवा करने का मौका मिला, और कहा कि भारत के युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी रही।

स्टेप 8: अब आगे क्या

फिलहाल यह साफ नहीं है कि शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी अब किसे सौंपी जाएगी। यह खबर बिल्कुल ताजा है, इसलिए अगले कुछ घंटों में नए मंत्री की नियुक्ति या सरकार की आगे की रणनीति को लेकर और अपडेट आ सकते हैं।

संक्षेप में समझें (Quick Recap)

  1. मई 2026 — NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ी सामने आई
  2. जून 2026 — दोबारा परीक्षा हुई, लेकिन नाराजगी कम नहीं हुई
  3. जून के अंत — CJP का धरना शुरू, सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल
  4. जुलाई 20 — दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़प
  5. 25 जुलाई — सरकार-CJP वार्ता, और उसके बाद धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

यह मामला भारत की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता को लेकर एक बड़ी बहस को जन्म दे चुका है, और आने वाले दिनों में इसका असर आगे भी दिखता रहेगा।


नोट: यह एक बहुत ताजा खबर है, इसलिए आगे की जानकारी (जैसे नए मंत्री का नाम) समय के साथ अपडेट हो सकती है।

Yash Jaiswal

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